भारत के विशिष्ट व्यक्तित्व

महान हस्तियाँ - संक्षिप्त विवरण

व्यक्तित्व संक्षिप्त विवरण
एनी बेसेंट वे एक आयरिश महिला थी जो 1893 में अडयार (मद्रास ) में थियोसोफिकल सोसायटी के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आई थी । वे 1917 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षा बनी । वे होम रूल आंदोलन के लिये विख्यात है । उन्होने 1898 में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना की थी जो बाद में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बना ।
रवीन्द्रनाथ टैगोर कवि, नाटककार, उपन्यासकार, लघु कहानी लेखक, संगीतकार, कलाकार, अभिनेता, निर्देशक दार्शनिक का जन्म 7 मई 1861 को हुआ था । 1913 में अपनी कविता संग्रह गीतांजलि के लिए साहित्य में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित । 1915 में उन्हे नाइट की पदवी से सम्मानित किया गया, लेकिन जलियांवाला बाग नरसंहार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन के रूप में 1919 में उन्होने इसे लौटा दिया ।
आचार्य विनोबा भावे एक सच्चे गांधीवादी, उन्हे 1930 में दांडी मार्च में भाग लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था । नागपुर झंडा सत्याग्रह में उनका बहुत बड़ा योगादान रहा । भूदान और सर्वोदय आंदोलन के लिए वे विख्यात हैं ।
अरविंद घोष कोलकाता में 15 अगस्त 1872 को जन्मे वे 1902 से 1910 तक स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे । बाद में उन्होने अद्वितीय दर्शन के विकास के लिए पांडिचेरी में अपना जीवन व्यतित किया । वे एक कवि, दार्शनिक और एक राजनीतिज्ञ थे । उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति ‘लाइफ डिवाइन ’ है । 5 दिसंबर 1950 को उनका निधन हुआ ।
सर सैयद अहमद खान वे भारत में मुस्लिम शिक्षा के अग्रदूत थे । उनके प्रयासों के फलस्वरूप लॉर्ड लिटन ने 8 जनवरी 1877 को मोहमडन एंग्लो ओरिएंटल कालेज की नींव रखी जो 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना ।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी उन्होने अक्टूबर 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी । उन्होंने पहली लोकसभा में उत्तर कोलकाता का प्रतिनिधित्व किया था । विपक्ष की नेता के रूप में उन्हे संसद का शेर कहा जाता है । उन्होने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिये जाने के विरोध में नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था ।
मदर टेरेसा उसका वास्तविक नाम एग्नेस गोंकशे बोजशियु था । उनका जन्म 26 अगस्त 1910 को तत्कालिन अल्बानिया के शहर स्कोप्जे में हुआ था । स्कोप्जे अब मैसेडोनिया की राजधानी है । उन्होने मिस्सीओनरिएस ऑफ चरिटी और बेसहारा लोगों के लिए निर्मल हृदय की स्थापना की थी । 1961 में उन्हे पद्मश्री, 1979 में नोबेल शांति पुरस्कार और 1980 में भारत रत्न से सम्मनित किया गया ।
जय प्रकाश नारायण वे 1930 के दशक के सविनय अवज्ञा आंदोलन में शामिल हुए थे । उन्होंने आचार्य नरेन्द्र देव के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी संगठित की थी । 26 जून 1975 को उन्होंने भ्रष्टाचार मिटाओ आंदोलन की शुरूआत की, जो 1977 में कांग्रेस की हार का कारण बनी ।



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