वायुमंडल की परतें

परत विशेषताएं
क्षोभ मंडल
  • यह परत पृथ्वी की सतह से लगभग 20 किमी ऊंचाई तक फैली हुई है ।
  • क्षोभमंडल की ऊंचाई ध्रुवों के ऊपर कम और भूमध्य रेखा के ऊपर अधिक होती है ।
  • क्षोभमंडल में तापमान ऊंचाई के साथ घटता जाता है ।
  • यह परत मौसम की सभी घटनाओं का केंद्र है ।
  • क्षोभमंडल और उससे ऊपर की परत के बीच की संक्रमण सीमा को ट्रोपोपॉज़ कहा जाता है ।
समताप मण्डल
  • यह परत क्षोभमंडल के ऊपर से पृथ्वी की सतह से लगभग 50 किमी ऊपर तक फैली हुई है ।
  • यहाँ तापमान ऊंचाई के साथ बढ़ता है ।
  • इस परत के निचले हिस्से में ओजोन परत पाया जाता है ।
  • समताप मण्डल और मध्यमंडल के बीच की संक्रमण सीमा को स्ट्रैटोपॉज़ कहा जाता है ।
मध्यमंडल
  • यह परत समाताप मंडल के ऊपर से पृथ्वी की सतह से लगभग 85 किमी ऊपर तक फैली हुई है ।
  • यहाँ तापमान ऊंचाई के साथ घटता जाता है ।
  • इस परत में अधिकांश उल्का पिंड जल जाते हैं ।
  • मध्यमंडल और बाह्य वायुमंडल के बीच की संक्रमण सीमा को मेसोपॉज़ कहा जाता है ।
बाह्य वायुमंडल
  • यह परत मध्यमंडल के ऊपर से पृथ्वी की सतह से लगभग 600 किमी ऊपर तक फैली हुई है।
  • यहाँ तापमान ऊंचाई के साथ बढ़ता है जो कि परत के शीर्ष पर 2000 डिग्री सेंटिग्रेड तक पहुँच जाता है ।
  • आयनमंडल बाह्य वायुमंडल के भीतर एक परत है ।
  • ध्रुवीय ज्योति (Aurora) इस परत में बनती है ।
बहिर्मंडल
  • यह परत बाह्य वायुमंडल के ऊपर पृथ्वी की सतह से लगभग 10000 किमी ऊपर तक फैली हुई है ।
  • कृत्रिम उपग्रह इस परत में पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं ।



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