भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधन

संशोधन वर्ष महत्त्व
71956 भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन और वर्ग ए, बी, सी और डी राज्यों के उन्मूलन और केंद्र शासित प्रदेशों की स्थापना ।
91960 पाकिस्तान के साथ समझौते के परिणामस्वरूप भारतीय क्षेत्र में समायोजन ।
101961 पुर्तगाल से अधिग्रहण पर दादरा, नगर और हवेली केंद्र शासित प्रदेश के रूप में भारतीय संघ में शामिल हुए ।
121961 पुर्तगाल से अधिग्रहण पर गोवा, दमन और दीव केंद्रशासित प्रदेश के रूप में भारतीय संघ में शामिल हैं ।
131962 01 दिसम्बर 1963 को अनुच्छेद 371 ए के तहत विशेष सुरक्षा के साथ नागालैंड राज्य का गठन ।
141962 पांडिचेरी फ्रांस द्वारा स्थानांतरण के बाद भारतीय संघ में शामिल हुआ |
211967 सिंधी को 8 वीं अनुसूची की भाषाओं में शामिल किया गया ।
261971 रियासतों के पूर्व शासकों को दिए गए प्रिवी पर्स को समाप्त कर दिया गया ।
361975 सिक्किम एक भारतीय राज्य के रूप में शामिल है ।
421976 मौलिक कर्तव्य निर्धारित, भारत समाजवादी पंथनिरपेक्ष गणराज्य बना ।
441978 संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया गया ।
521985 चुनाव के बाद किसी अन्य पार्टी का दलबदल करना गैरकानूनी बना ।
611989 मतदान की उम्र 21 से घटकर 18 हो गई ।
711992 कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को आठवीं अनुसूची की भाषाओं में शामिल किया गया ।
731993 पंचायती राज की स्थापना, संविधान में भाग IX अतःस्थापित ।
741993 नगरपालिकाओं का गठन ।
862002 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा ।
922003 बोडो, डोगरी, संथाली और मैथली को मान्यता प्राप्त भाषाओं की सूची में जोड़ा गया ।
8,23,45,62, 79 and 951960, 1970, 1980, 1989, 2000 और 2010 अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों के आरक्षण और संसद तथा राज्य विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन सदस्यों के नामांकन की समय सीमा को बढ़ाया गया ।
962011 संविधान की आठवीं अनुसूची में Oriya के लिए Odia प्रतिस्थापित ।
972012 सहकारी समितियों से संबंधित संविधान में भाग IXख अतःस्थापित ।
1012016 माल और सेवा कर (GST) अतःस्थापित
1022018 राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की स्थापना
1032019 समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आरक्षण ।
42 वां संशोधन सबसे व्यापक संशोधन था जिसमें 59 खंड थे और इतने बदलाव किए गए थे कि इसे "लघु संविधान" के रूप में वर्णित किया गया ।
52 वां संशोधन संसद द्वारा सर्वसम्मति से अपनाया जाने वाला एकमात्र संशोधन था ।